अमित शाह का बड़ा दावा: 31 मार्च तक देश होगा नक्सलवाद मुक्त, आंतरिक सुरक्षा में ‘स्वर्णिम काल’ की बात

नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस समारोह के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आगामी 31 मार्च तक पूरे देश को नक्सली हिंसा से मुक्त कर दिया जाएगा। उनके अनुसार नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और प्रभावित क्षेत्रों को पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य बेहद करीब है।

शाह ने कहा कि एक समय 11 राज्यों में फैला नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन अब स्थिति निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च तक देश को नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त करने में सफलता मिलेगी।

नॉर्थईस्ट में 10 हजार से अधिक युवाओं ने छोड़े हथियार

गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में भी शांति स्थापना की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 10 हजार से अधिक युवाओं ने हथियार डालकर मुख्यधारा में वापसी की है। 12 से अधिक शांति समझौतों के जरिए नॉर्थईस्ट में स्थिरता और विकास का रास्ता मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2014 से 2026 के बीच के 12 वर्ष देश की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में स्वर्णिम काल के रूप में दर्ज किए जाएंगे। 2014 से पहले जम्मू-कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद और नॉर्थईस्ट तीन ऐसी बड़ी चुनौतियां थीं, जो दशकों से देश की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही थीं।

सीसीटीवी नेटवर्क और सीमा सुरक्षा पर फोकस

अमित शाह ने कहा कि आने वाले समय में गृह मंत्रालय पूरे देश में सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क स्थापित कर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही देश की सभी थल सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण, घुसपैठियों पर सख्त रोक और तीन नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने दोहराया कि नक्सलवाद, जो कभी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती था, अब समाप्ति के कगार पर है और 31 मार्च से पहले भारत पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा। साथ ही यह भी कहा कि ऐसा सशक्त सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा रहा है, जिससे एक भी घुसपैठिया सीमा पार न कर सके।

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